जमालगोटा: गंजो के सिर पर बाल उगाने वाला वरदान है ये नुशखा है।
आयुर्वेद में जमालगोटा को जयपाल, तिन्तिणीफल अथवा दंतीबीज के नाम से जाना जाता है। अरबी/फारसी में जमालगोटा को तुख्मे-बेदम या हब्बुल-सलातीन के नाम से जाना जाता है। आयुर्वेद में जमालगोटा का उपयोग पेट के विकारों में विरेचक के रूप में किया जाता है। यूनानी चिकित्सा पद्धति में इन्द्रलुप्त अथवा गंजेपन के उपचार हेतु जमालगोटा का उपयोग किया जाता है। इसके प्रभाविता को आप तस्वीर में…